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Saturday, 16 February 2019

5 Important Points About CompTIA A+ Certification

The latest version of CompTIA A+ called the 900 series was released in December 2015. It has been broadened to cover the various new technologies dictating the environment of IT companies in its current state

Friday, 11 May 2018

WhatsApp Messages Can Be Accessed Even After Deleting


WhatsApp may have provided us with a free, simple and very effective option for regular chatting but it’s a tricky app to use.

Sunday, 27 November 2016

अपना फोन बेचने से पहले ऐसे डिलीट करें सारा डेटा


अगर आप अपना ऐंड्रॉयड फोन किसी को बेचने जा रहे हों या किसी को इस्तेमाल करने देने जा रहे हों तो बेहद जरूरी है कि उससे सारा डेटा सुरक्षित तरीके से डिलीट कर दिया जाए।

Sunday, 13 November 2016

How to hack a Facebook account ? [Ethical]

Some of the techniques listed below are not only applicable to FB but to all daily used internet websites like Google, Twitter, Yahoo etc.

Saturday, 12 November 2016

Hack WhatsApp Account : Easy Working Method

Whatsapp is the most popular and important Messaging platform that is used by billions of people across the globe. Whatsapp has become very popular because of its attractive and striking features like cross-platformmessaging service, Online media sharing, Free Messaging service, voice calling etc.

Wednesday, 29 June 2016

जब खरीदना हो बजट स्मार्टफ़ोन तो इस बात का रखे ध्यान!

Smartphone के बारे में बात करें तो इसने लोगो की जिन्दगी में बड़ा बदलाव ला दिया है क्योंकि अब हर चीज जैसे सिमट गयी है | मैंने खुद अपने बचपन में देखा है कि जब एंड्राइड नहीं आया था तब blackberry जैसे phones एक तरह से स्टेटस सिंबल हुआ करते थे जो कि आज भी है लेकिन एंड्राइड के आने के बाद न केवल phones की दुनिया में एक बड़ा परिवर्तन आया है जिसकी वजह से budget smartphone  हर किसी वर्ग की पहुँच में है जिस से वो मोबाइल इन्टरनेट की दुनिया से जुड़कर ग्लोबल हो सकता है नई चीजे सीख सकता है  बल्कि अधिक फीचर होने के बाद भी आपको कम कीमत में अच्छे फ़ोन मिल जाते है और बहुत सी कंपनियां इस बाजार में है जिसकी वजह से कम से कम कीमत पर फ़ोन उपलब्ध है क्योंकि हर कोई मिडिल क्लास वर्ग को लुभाकर लाभ कमाने की कोशिश में है जिसका फायदा भी उपभोक्ता हो ही रहा है तो चलिए आज की इस पोस्ट में हम जानते है कि किस तरह कम budget में भी हम एक अच्छा smartphone purchase कर सकते है |

Smartphone अब एक तरह से अहम् जरुरत बन गया है क्योंकि जैसे जैसे दुनिया डिजिटल होती जा रही है वैसे वैसे काम तेजी से होने लगते है जैसे कि बिजली के बिल का भुगतान , मोबाइल रिचार्ज जैसे काम आप अब घर बैठे कर सकते है | बैंकिंग के ऑनलाइन हो जाने की वजह से आप घर बैठे बैठे किसी को पैसे भेज सकते है पैसे मँगा सकते है | अगर आपको कंही घूमने जाना हो तो आप अपने फ़ोन से ही रेल की टिकेट बुक कर सकते है और भी कई काम | लेकिन जब budget smartphone purchase करने की बात होती है तो आप दुविधा में होते है क्योंकि अगर आपका budget अधिक है तो एक से एक बेहतर फ़ोन है जिन्हें आप buy कर सकते है लेकिन कम budget में अच्छा smartphone लेना एक चुनौती से कम नहीं है क्योंकि mid range में इतने फ़ोन है कि आप पूरा दिन भी लगा दें तो भी decide करना मुश्किल हो जाता है कि कौनसा लू तो इसके लिए कुछ बातें है जो ध्यान में रखते हुए आप फ़ोन खरीद सकते है वो नीचे है –

महंगे फ़ोन से तुलना नहीं करें – सबसे पहले इस बात को आप दिमाग में अच्छे से बैठा लें कि अगर कोई फ़ोन महंगा है तो जरुरी है कि उसमे ऐसे कंपोनेट लगे है जो वाकई में उस कीमत में तय होते है क्योंकि किसी भी बेहतरीन technology की कीमत अधिक होती है और अगर अच्छे उपकरण उसमे लगे है तो उसकी परफॉरमेंस भी अच्छी होती है लेकिन जरुरी नहीं कि उतनी परफॉरमेंस की requirement आपको हो ही क्योंकि हर कोई व्यक्ति की एक स्पेशल need होती है जिसके लिए वो smartphone चुनता है जैसे कुछ लोग केवल सोशल साइट्स पर अपने दोस्तों से जुड़े रहने के लिए smartphone का इस्तेमाल करते है तो कुछ म्यूजिक के लिए जबकि कुछ लोग केवल फोटोज के लिए अच्छा smartphone लेने की बात कहते है ऐसे में जरुरी है कि अपनी जरुरत के हिसाब से फ़ोन देखें क्योंकि एक महंगे फ़ोन में सभी फीचर अच्छे हो सकते है लेकिन अगर किसी फ़ोन को कम कीमत को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है तो ऐसा हो सकता है कि उसके कुछ फीचर अच्छे हो तो कुछ कमजोर इसलिए अपने budget के हिसाब से फ़ोन चुनते हुए उसकी तुलना किसी बड़े फ़ोन से नहीं करें |

फीचरस चेक करें – budget smartphone  लेते समय अपनी जरुरत के हिसाब से जो फीचर आपको चाहिए उनको दिमाग में रखते हुए फोन्स की तुलना करें अगर आप ऑनलाइन खरीद रहे है तो आपके लिए यह आसान हो जाता है क्योंकि आप रिजल्ट्स को फिल्टर करते हुए किसी खास तरह के phones को देख सकते है | अगर आपको low budget का फ़ोन लेना है तो यह ध्यान में रखें कि कम से कम उसकी रैम 1 GB हो ताकि हर तरह की एप्लीकेशन उस पर सही से काम कर सकें | साथ ही अपनी जरुरत भी ध्यान रखें कि अगर आपको कैमरा अच्छा चाहिए और बाकि फीचर जिनकी आपको जरुरत नहीं है वो थोड़ी low गुणवत्ता के भी है तो भी आप उसे चुन सकते है | अगर आप फ़ोन पर केवल सोशल साइट्स इस्तेमाल करते है या अधिक कॉल्स के लिए इस्तेमाल करते है तो आपको बैटरी की कैपेसिटी पर भी एक बार नजर डालनी चाहिए | battery को mAh में मापा जाता है इसलिए जितनी अधिक mAh होगी उतनी ही अधिक आपकी बैटरी का backup होगा |

फोटोज और म्यूजिक को ध्यान में रखते हुए आप अगर budget smartphone  लेते है तो इस बात का भी ध्यान रखें कि उसकी इंटरनल मेमोरी कितनी है जैसे कि अगर किसी फ़ोन की इंटरनल मेमोरी 4 GB है तो उसके एक हिस्से में तो उसके फ़ोन का सॉफ्टवेर इनस्टॉल होता है इसलिए यूजर के लिए केवल 2 GB से कुछ अधिक मेमोरी ही उपलब्ध होती है | फ़ोन में Wifi , 3G या 4G और तमाम तरह के कनेक्टिविटी के आप्शन को भी ध्यान में रखें | अगर आप फ़ोन फोटोज के लिए ले रहे है तो इस बात का भी ध्यान में रखें कि फ़ोन में अगर ऑटोफोकस नाम का फीचर नहीं है तो आपको बाद में फोटोज लेते हुए भी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है |
कुछ बातें और फीचर है जो आपको ध्यान में रखने चाहिए जैसे कि –

    Photos के लिए फ़ोन ले रहे है तो कम से कम 5 मेगापिक्सेल का कैमरा ही लें |
    अगर म्यूजिक के लिए ले रहे है तो इंटरनल मेमोरी कम से कम 8 GB होनी चाहिए |
    लेटेस्ट OS सॉफ्टवेर वर्शन हो जैसे कि एंड्राइड में kitkat से अधिक |
    अगर आप इन्टरनेट use के लिए फ़ोन ले रहे है तो कम से कम 3 G connectivity तो होनी ही चाहिए | जबकि आजकल 4G फ़ोन भी low budget में आ रहे है |
    स्क्रीन साइज़ पर भी ध्यान दें और वो 5 इंच से बड़ा हो तो बेहतर होता है|
    Screen touch फ़ोन है तो फ़ोन की स्क्रीन capacitive touch वाली होनी चाहिए इस बात का भी ध्यान रखें |

हार्डवेयर पर ध्यान दें – budget smartphone  चुनते समय इस बात को ध्यान में रखें कि उसका हार्डवेयर भी अच्छा हो और आजकल कुछ घरेलू कंपनियां भी कम कीमत पर भी अच्छा हार्डवेयर configuration दे रही है हार्डवेयर के मामले में ये बातें ध्यान में रखें |

    प्रोसेसर चेक करें कौनसा है क्योंकि आजकल कम budget smartphone में भी octa core प्रोसेसर आते है |
    रैम को चेक करें जितनी अधिक हो उतनी ही बेहतर है क्योंकि जितनी अधिक रैम होगी आपका फ़ोन उतना ही स्मूथ और तेजी से चलता है जैसे कि अगर आप कम एप्लीकेशन इस्तेमाल करते है तो 1 GB रैम आपके लिए ठीक है और अधिक करते है तो 2 GB बेहतर है | इस से कम रैम ना ही लें तो अच्छा है |
    इंटरनल स्टोरेज देखें कितनी है और साथ ही यह भी कि इसे कितनी तक बढ़ाया जा सकता है |
    अगर आपके पास अधिक कॉल्स आती है या आप करते है तो 2500 mAh की बैटरी के आस पास या अधिक का ही फ़ोन खरीदें |
    Display size को भी प्राथमिकता दें क्योंकि अगर display बड़ा है तो आप ज्यादा से ज्यादा टेक्स्ट पढ़ पाएंगे |
    Build quality पर ध्यान दें कि वो पकड़ने में कैसा रहेगा और उसकी ग्रिप कैसी होगी |
    Button और charger पॉइंट और पोर्ट कौनसा है इस बारे में ध्यान रखें |

After sell support के बारे में जानकारी लें – जब सब कुछ चेक हो जाये तो यह सबसे महत्वपूर्ण गौर करने वाली बात है कि किसी भी फ़ोन को लेने के बाद अगर कोई समस्या आती है तो आप जायेंगे कन्हा उसे ठीक करवाने के लिए क्योंकि अगर आपके आस पास उसका कोई सर्विस सेण्टर नहीं है तो आपके लिए आफत हो जाएगी | इसलिए न केवल आप उसकी warranty देखें कितनी है बल्कि उसके सर्विस सेण्टर आपके आस पास है या नहीं इस बारे में भी जानकारी ले लें ताकि बाद में आपको कभी किस परेशानी की दशा में दिक्कत नहीं हो |

लोगों के review देख लें – कुछ और जरुरी जानकारी के लिए जिस फ़ोन को खरीदने का आप मन बना रहे है उसके YouTube पर रिव्यु देख सकते है या जिस वेबसाइट से आप इसे खरीद रहे है उसकी वेबसाइट पर भी आप users के review पढ़ सकते है जिन लोगो ने इसे खरीदा है | इस से आपको फ़ोन कैसा है जानने में मदद मिलेगी |

क्या है कॉल ड्राप और क्यों होता है नुकसान!

Call drop के बारे में हम आजकल अख़बारों में सुनते है बड़ी बहस चल रही है और कंपनिया और TRAI यानि के Telecom Regulatory Authority of India और मोबाइल ओपरेटर कम्पनियां इस मामले में आजकल कोर्ट में है क्योंकि TRAI चाहती है कि अगर कॉल ड्राप की समस्या होती है तो कम्पनियों पर उस एवज में जुर्माना लगाया जाना चाहिए जबकि कंपनियों का दावा है कि कॉल ड्राप की समस्या जो है वो निर्धारित मानक से अधिक नहीं है ऐसे में हम जुर्माना नहीं देंगे तो चलिए जानते है कि आखिर ये कॉल ड्राप की समस्या क्या है और इस से हमारी जिदंगी पर पड़ने वाला कौनसा प्रभाव है

What is Call drop / कॉल ड्राप है क्या – पहले हम इसे simple भाषा में समझते है और ऐसे में जब आप किसी को कॉल करते है या कोई आपको कॉल करता है तो दोनों लोगो के बात करते हुए बीच में अचानक नेटवर्क में दिक्कत की वजह से फ़ोन कट जाता है और फिर आप दोबारा कॉल करते है तब जाकर आपकी बात पूरी हो पाती है और कभी कभी यह एक से अधिक बार हो सकता है | ऐसे में हम कह सकते है कि दोनों पार्टीज जो फ़ोन पर आपस में बात कर रही है उनके फ़ोन काटे बिना ही अपने आप नेटवर्क में दिक्कत की वजह से अगर फ़ोन कट जाता है तो उसे कॉल ड्राप (call drop) कहा जाता है |

क्यों होता है ऐसा है – ऐसा इसलिए होता है क्योंकि असल में कंपनियां केवल उन्ही इलाकों में अपने नेटवर्क को लेकर सजग रहती है जिन इलाकों से उसे अधिक आय होती है ऐसे में कई बार ऐसे होता है कि किसी इलाके विशेष में जब टावर से जुड़े रहने वाले मोबाइल कनेक्शन की संख्या उसके बैंडविड्थ से अधिक हो जाती है तो कारणों की वजह से मोबाइल के द्वारा की जाने वाले कॉल्स बार बार नेटवर्क में कंजेशन की वजह से कट हो जाते है ऐसा इसलिए होता है कि किसी भी मोबाइल टावर पर जुड़े रहने के मोबाइल की संख्या सीमित होती है क्योंकि वो टावर की बैंडविड्थ का निश्चित मात्रा में उपयोग करते है और ऐसे में जब टावर के पास जितनी बैंडविड्थ होती है उस से अधिक इस्तेमाल होने लगती है तब दूसरे मोबाइल्स के लिए बैंडविड्थ कम पड़ती है जिसकी वजह से फ़ोन बीच में अपने आप कट जाता है | इसे ही  Call drop कहते है |

क्या फर्क पड़ता है हमारी जिन्दगी पर – हमारी जिन्दगी में call drop की वजह जो मुख्य नुकसान होते है वो है समय और पैसे की बर्बादी क्योंकि अगर कॉल ड्राप होता है उसमे हमारी कोई गलती नहीं होती है और टावर के रखरखाव और उसकी क्षमता के लिए मोबाइल ओपरेटर जिम्मेदार होता है जबकि कम्पनी या ऑपरेटर हमसे हमारे द्वारा की जाने वाली कॉल के पूरे पैसे वसूलता है –

उदाहरण के लिए –

“अगर आप कॉल करते है और आपका ऑपरेटर जो है वो आपको 60 पैसे प्रति मिनट के हिसाब से पैसे वसूलता है ऐसे में अगर आपकी कॉल 30 सेकंड या एक मिनट होने से पहले ही कट जाती है तो आपको उस मिनट के पूरे पैसे देने होंगे बशर्ते यह आपके साथ कितनी ही बार हुआ हो |”

तो इस तरह आपको पैसे और समय दोनों का नुकसान झेलना पड़ता है इसी वजह से TRAI ने एक मसौदे के जरिये यह भी प्रस्तावित किया था कि अगर मोबाइल कंपनियां कॉल ड्राप की दर को कम नहीं कर पाती है तो उन्हें हर उपभोक्ता को प्रति कॉल ड्राप एक रूपये रिफंड देना होगा और यह अधिकतम तीन रूपये हो सकता है | लेकिन यह मसला अभी कोर्ट में लंबित है |

TRAI का इस पर पक्ष ये है कि “ मोबाइल कंपनीज ने उपभोक्ताओं की संख्या को देखते हुए टावर नहीं लगाये है जिसकी वजह उपभोक्ता को बड़ा नुकसान होता है जबकि मोबाइल कंपनीज होने वाली आमदनी की तुलना में अपने सेवा स्तर को सुधारने के लिए निवेश बहुत कम कर रही है |”

वन्ही कंपनीज का कहना है कि “ अगर उन्हें मुआवजा देना पड़ेगा तो ऐसे में उन्हें बहुत बड़ा व्यापारिक घाटा होगा जबकि कई ऐसे तकनीकी कारण है जिनकी वजह से मुआवजा देना संभव नही है और साथ ही TRAI का फैसला मनमाना है और उसे कानून बनाने का कोई अधिकार भी नहीं है |”

ई-सिगरेट क्या है जानिए [हिंदी में]

ई-सिगरेट यानि के electronic cigarette (e-cig or e-cigarette) एक तरह से पारम्परिक सिगरेट cigarette का ही सुधरा हुआ या यूँ कहें उन्नत किस्म का रूप  है जो कि यह दिखाता है तकनीक ने हर क्षेत्र में किस तरह से विकास  किया है | कुछ भी ऐसा नहीं है जो बढती तकनीक से अछूता हो | कुछ मायनो में यह सही भी है और कुछ मायनो में यह अवन्नती को भी दिखता है कि किस तरह हम तकनीक का इस्तेमाल हर तरह के अच्छे और बुरे किस्म के काम के लिए करते है और आज के जमाने में किसी भी चीज़ के लिए मार्केट खड़ा करना कोई नयी बात नहीं है अगर उसमे तकनीक का छौंक लगा दिया जाये तो |

क्या है  ई-सिगरेट (electronic cigarette) – यह पारम्परिक सिगरेट की तरह ही एक सिगरेट होती है जो एक छोटी बेटरी से चलती है जो इसके अंदर ही लगी होती है | इसमें से कश लेने से भाप निकलती है जिसमे निकोटीन मिला होता है हालाँकि यह पारम्परिक सिगरट के मुकाबले कम नुकसान करती है इसमें liquid solution भरा होता है जो इसमें लगे Heating element से गर्म होकर भाप में बदलता है | इसमें मौजूद Liquid में propylene glycol, glycerin, nicotine, जैसे रसायन होते है और flavor के लिए कुछ flavorings रसायन भी होते है | यह कई प्रकार की आती है कुछ बिना निकोटीन के होती है जो नुक्सान नहीं करती और कुछ कम मात्रा वाले निकोटीन के साथ होती है जो शरीर को नुकसान भी पहुंचाती है |

नवयुवकों में बढ़ रही ई-सिगरेट (electronic cigarette) की लत – BMC public Health ने छपे एक आर्टिकल की बात करें तो यह खुलासा हुआ है कि ब्रिटेन के किशोरों में ई-सिगरेट (electronic cigarette) की लत लगातार बढ़ रही है और जो दलीले ई-सिगरेट (electronic cigarette) के नुकसान देह नहीं होने को लेकर की जाती है वो सारी मटियामेट होती दिख रही है क्योंकि Experts के अनुसार ‘ अगर मान भी लें कि ई-सिगरेट (electronic cigarette) पारम्परिक सिगरेट के मुकाबले कम नुकसान वाली होती है तो क्या होगा अगर ई-सिगरेट (electronic cigarette) लेने वाला इन्सान दिन में कई गुना अधिक बार पीना शुरू करदे ” बात तो बराबर ही है |

रिपोर्ट के अनुसार जिन किशोरों ने कभी सिगरेट का एक भी कश नहीं लिया था वो भी अब ई सिगरेट का प्रयोग करते है इसलिए हम कह सकते है चाहे थोडा हो या ज्यादा नुकसान तो सेहत का नुकसान ही होता है फिर थोड़े से पलों के आनंद के लिए एक दीघकालीन बीमारी को न्योता देना बिलकुल सही है है | भारत में निकोटीन के प्रभाव से होने वाले कैंसर से मारे जाने वाले लोगो की संख्या 9 लाख प्रतिवर्ष से भी अधिक है और आने वाले सालों में अगर तम्बाकू products पर रोक नहीं लगी तो यह संख्या दुगुनी हो जाने की सम्भावना है ऐसा आंकड़े कहते है |

भारत सरकार की नयी पहल :Digital locker

Digital locker, भारत सरकार का डिजिटल इंडिया की और बढ़ता हुआ कदम है, यह मुफ्त में दी जाने वाली भारत सरकार की सुविधा है जो आम जनता के लिए मुहैया है , यह नये तरह का  innovation है भारत में अभी तरह इस तरह की यह पहली सरकारी service है इसलिए मैं इसके लिए भारत सरकार के डिजिटल इंडिया प्रोग्राम की सराहना करता हूँ |
 
क्या है Digital Locker – यह एक तरह से Dropbox की तरह cloud Space है जो उन users को फ्री में दिया जाता है जो आधार कार्ड पंजीकृत है उनको 1 GB का स्पेस फ्री में दिया जाता है अर्थात वो अपने सारा तरह के पहचान के दस्तावेज और पैन कार्ड , पासपोर्ट जैसे दस्तावेज Internet पर अपलोड करके सुरक्षित रख सकते है और बाद में जरुरत होने पर कंही से भी उन्हें access कर सकते है साथ  ही इसके अलावा बाद में कई तरह की सरकारी सुविधाओं को इस से जोड़ दिए जाने की सरकार की योजना है जिसमे व्यक्ति के दस्तावेजो के सत्यापन की जरुरत होती है अर्थात आपको अगर किसी सरकारी विभाग में कुछ काम है तो आराम से आप केवल आधार कार्ड के नंबर के लिए अपनी सारी सुविधाओं को ले सकते है और सरकारी विभाग से वो दस्तावेज map कर दिए जायेंगे तो आपको अपने दस्तावेजो को साथ लाने ले जाने से मुक्ति मिलेगी और online verification  होना संभव होगा |

Digital Locker पर कैसे बनाये अपना अकाउंट – इसके लिए आपको https://digitallocker.gov.in/Register.aspx पर जाना होगा और अपने आधार कार्ड का नंबर डालकर आपको रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करनी है उसके बाद आपके मोबाइल नंबर पर एक OTP (One Time Password) आपको प्राप्त होगा जो इंटर कर देने के बाद आपकी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी |

उसके बाद आपके सामने एक डैशबोर्ड होगा जन्हा से आप अपने दस्तावेजो की scan copy (soft copy) अपलोड कर सकते है साथ ही कुछ जरुरी दस्तावेज भी आप यंहा save कर सकते है |

Digital Locker लॉग इन करना  – एक बार registration प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद  आपसे एक user name  और password बनाने को कहा जाता है और उसके बाद आप कभी भी अपने user name  और password का इस्तेमाल करते हुए आराम से लॉग इन कर सकते है और एक सुविधा का लाभ ले सकते है और इसके अलावा अगर आप किसी public computer पर अपना data access  करना  चाहते है तो भी आप अपने आधार कार्ड  और OTP के जरिये लॉग इन कर सकते है और सुरक्षा की दृष्टि से  यह काफी सुविधाजनक भी है |

Digital Locker के फायदे – चूँकि ईमेल में यह किसी अन्य cloud  Space की तुलना में  Digital Locker  का डैशबोर्ड बहुत ज्यादा सुविधा जनक है और साथ ही user friendly भी है इसलिए आप आराम से अगर आपको थोड़ी भी computer की जानकारी है तो इसे इस्तेमाल कर सकते है और आपको lifetime के लिए 1 GB का space दिया जाता है इसलिए आपको इसके लिए भुगतान करने की भी कोई आवश्यकता नहीं है और यह सर्विसेज आपके लिए पूरी तरह फ्री है | लेकिन इसके लिए आपका आधार कार्ड होना आवश्यक है |

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